मेवाड़ - राजस्थान का इतिहास

 भौगोलिक विस्तार

  1. चित्तौड़गढ़ 
  2. राजसमंद 
  3. भीलवाड़ा 
  4. उदयपुर 
  5. प्रतापगढ़





मेवाड़ के प्राचीन नाम

  1. मैनपाट (मेव मेर मेद जाति के कारण) 
  2. प्राग वाट (पहाड़ी क्षेत्र)
  3. शिवि जनपद

गुहिल वंश 

  1. सूर्यवंशी हिंदू
  2. 24 शाखाएं - मेवाड़, वागड़, चाकसू/चाटसू, कल्याणपुर, महाराष्ट्र, नेपाल

सामोली अभिलेख

  1. यह उदयपुर के पास में मिला है।
  2. शिलादित्य के बारे में जानकारी मिलती है इसमें ।
  3. वटनगर ( बसंतगढ़ ) की महाजन समुदाय ( बनिए ) के महंतर ( प्रमुख ) ने समुदाय के कहने पर अरण्यवासिनी (जावर माता) का मंदिर बनवाया व स्वयं देव बुक नामक स्थान पर अग्नि में प्रवेश कर लेता है ।
  4. 1869 में आगरा के पास 2000 चांदी के सिक्के मिले जिन पर श्री गुहिल नाम लिखा था ।


इतिहासकारों की कहानियां
  1. जेम्स टॉड ने गुजरात के वडनगर के शिलादित्य और पुष्पावती का पुत्र बताया
  2. अबुल फजल ने ईरान के नौशेरवा खान आदिल के वंशज बताया

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