राजसिंह ( 1652-1680 ) - मेवाड़ का इतिहास

 राजसिंह ( 1652-1680 )

  • चित्तौड़ किले का पुनर्निर्माण शुरू करवाया था तथा शाहजहां के खिलाफ आक्रामक नीति अपनाई ।इस समय शाहजहां ने सादुला खान को भेजकर इस पुनर्निर्माण को रुकवाया ।
  • उत्तराधिकार संघर्ष में राज सिंह ने औरंगजेब का साथ दिया था इस समय राज सिंह ने टीका दौड़ आयोजन करवाया तथा कई मुग़ल सेत्रों पर अधिकार कर लिया ।
  • औरंगजेब के जजिया कर का विरोध किया ।
  • औरंगजेब के खिलाफ जोधपुर में अजीत सिंह की सहायता की इसे राठौड़ सिसोदिया गठबंधन कहा जाता है ।
  • औरंगजेब के खिलाफ हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों की रक्षा की ।
  • औरंगजेब के खिलाफ हिंदू राजकुमारियो की रक्षा की।

( उदाहरण के लिए रुपनगढ़ अजमेर की राजकुमारी चारुमती से 1669 में औरंगजेब की इच्छा के विरुद्ध शादी की ।)


सहल कंवर / हाड़ी रानी

  • यह सलूंबर के सामंत रतन सिंह चुंडावत की हाड़ी रानी थी ।
  • अपने पति के निशानी मांगने पर इसने अपने सर काट दिया था यह घटना राज सिंह चारुमती के विवाह के समय हुई थी 
  • मेघराज की कविता -  सेनानी (निशानी)


सांस्कृतिक उपलब्धियां

मंदिर

  • श्रीनाथ मंदिर सिहाड़ (नाथद्वारा राजसमंद)  : श्रीनाथजी की मूर्ति गोविंदास तथा दामोदर मथुरा से लेकर आए थे 1672 ईसवी मे
  • द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली राजसमंद
  • अंबा माता मंदिर उदयपुर


झीले

त्रिमुखी बावड़ी उदयपुर

  • तहसील का निर्माण इस झील का निर्माण राज सिंह की पत्नी राम रस्ते ने करवाया था इससे जया बावड़ी भी कहा जाता है।

जाना सागर तालाब उदयपुर

  • इसका निर्माण राज सिंह की माता जाना तेरा छोड़ ने करवाया था जाना सागर प्रशस्ति के प्रशस्ति कार कृष्ण भट्ट का पुत्र लक्ष्मीनाथ तथा लेखक उसका भाई भास्कर भट्ट था

राजसमंद झील राजसमंद


दरबारी विद्वान                -                  पुस्तक

  1. किशोर दास            -               राज प्रकाश
  2. सदाशिव भट्ट           -               राज रत्नाकर
  3. रणछोड दास           -      राज प्रशस्ति & अमर काव्य वंशावली
  4. कवी मान                 -               राजविलास
  5. गिरधर दास              -      सगत रासो ( प्रताप के छोटे भाई शक्ति                                                                    सिंह की जानकारी )
  6. कल्याण दास             -              गुण गोविंद 



राज प्रशस्ति

  • यह राजसमंद झील के पास नोचोकी नामक स्थान पर स्थित है। 
  • यह संस्कृत भाषा का सबसे बड़ा अभिलेख है ।
  • यह 25 पत्थर पर लिखी है ।
  • इस प्रशस्ति में बप्पा रावल से राज सिंह तक मेवाड़ की वंशावली, मुगल मेवाड़ संधि, प्रताप के भाई शक्ति सिंह की जानकारी मिलती है ।
  • इससे पृथ्वीराज रासो तथा गुरुकुल प्रणाली की जानकारी मिलती है ।
  • 1662 से 1676 तक राजसमंद झील का निर्माण अकाल राहत कार्यों के तहत करवाया गया ।


अमर काव्य वंशावली

  • इस पुस्तक में अमर सिंह द्वितीय की जानकारी है ।
  • यह प्रताप का छोटा भाई सत्य सिंह तथा प्रताप के घोड़े चेतक की जानकारी दे देता है ।



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