जगत सिंह द्वितीय (1734-1751) - मेवाड़ का इतिहास

 हुरडा सम्मेलन ( भीलवाड़ा) - 17 जुलाई 1734

  • यह राजस्थान के राजपूत राजाओं का मराठों के खिलाफ सम्मेलन था ।

  1. मेवाड़ - जगत सिंह द्वितीय ( अध्यक्ष)
  2. जयपुर - सवाई जयसिंह 
  3. मारवाड़ - अभय सिंह
  4. नागौर  -  बख्त सिंह
  5. बीकानेर  -  जोरावर सिंह
  6. बूंदी  -  दलेल सिंह 
  7. कोटा  -  दुर्जन सिंह
  8. किशनगढ़  -  राजसिंह
  9. करोली  -  गोपाल पाल


सम्मेलन में निर्णय

  • सभी राजा मराठों के खिलाफ एक दूसरे की सहायता करेंगे
  • वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद रामपुरा ( कोटा ) में मराठों के खिलाफ युद्ध किया जायेगा ।

सम्मेलन का महत्व

  • खानवा युद्ध के बाद राजस्थान के राजपूत राजाओं ने किसी अन्य शक्ति के खिलाफ एकता बनाने की कोशिश की ।
  • राजाओं में आपसी मतभेदों के कारण हुरडा सम्मेलन असफल हो गया था ।

उदयपुर में जगतनिवास महल का निर्माण करवाया। दरबारी विद्वान नेकराम ने जगत विलास नामक पुस्तक लिखी । जिसमे इस महल की प्रतिष्ठा का सविस्तार वर्णन है ।





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